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Vajan Badhna Kaise Roken?

वजन बढ़ना क्या होता है ? वजन बढ़ने के कारण, नुकसान एवं उपाए। वजन बढ़ने से होने वाली बीमारियाँ।

वजन बढ़ने का अर्थ शरीर में एक्स्ट्रा फैट या वसा का जमा होना है। यह स्थिति तब बनती है जब विभिन्न भोज्य एवं पेय पद्धार्थों द्वारा प्राप्त की गई ऊर्जा की मात्रा ,जीवन की विभिन्न गतिविधियों , शारीरिक प्रक्रियाओं एवं व्यायाम द्वारा खर्च की गई ऊर्जा की मात्रा की तुलना में कम होती है।

व्यक्ति द्वारा अधिक कैलोरीज़ वाले पदार्थ का सेवन करने की वजह से शरीर के विभिन्न अंगों में वसा का जमाव होने लगता है। जिसके कारण व्यक्ति में मोटापा होने लगता है साथ ही यह सेहत पर भी बुरा असर डालता है एवं विभिन्न बिमारियों को भी बढ़ावा देता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार व्यक्ति में यदि एक हफ्ते में 5 पाउंड (2.2 किलोग्राम) से ज्यादा एवं एक दिन में 2 से 3 पाउंड (1 से 1.5 किलो) वजन में वृद्धि हो रही हो तो यह हार्ट फेल होने की स्थिति को दर्शाता है।

वजन की मापतौल ( बी.ऍम.आई ) अर्थात बॉडी मास इंडेक्स द्वारा की जाती है। इसके अनुसार शरीर की ऊँचाई की तुलना में वजन मापा जाता है। उस तुलनात्मक माप-तौल में वजन का बढ़ना व्यक्ति में मोटापा को प्रदर्शित करता है।

किसी भी व्यक्ति के वजन बढ़ाने के कई कारण हो सकते है। कभी व्यक्ति द्वारा अपनाई गई खराब जीवनशैली के कारण और कभी विभिन्न स्वास्थ्य कारणों से व्यक्ति को वजन बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है।

व्यक्ति में वजन वृद्धि के करणों को 2 भाग में विभाजित किया गया है:-
१) चिकित्सकीय कारण
२) गैर चिकित्स्कीय कारण

वजन बढ़ने के कुछ चिकित्सकीय कारण होते है जो किसी बीमारी द्वारा या आपके द्वारा ली जा रही किसी दवा के कारण भी हो सकता है। जिसको दूर करके वजन वृद्धि पर नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है।

इन कारणों को हम निम्न प्रकार से देख सकते है :-

१) थाइरोइड की समस्या के कारण :– थाइरोइड एक प्रकार का हॉर्मोन होता है । जिसके कम श्राव से (हाइपोथायरायडिज्म) नामक समस्या होती है। इस समस्या के कारण शरीर में चपाचय की समस्या धीमी पड़ जाती है जिसके कारण वजन वृद्धि की समस्या होने लगती है।
आज के समय में यह समस्या आम हो गई है। इसके कारण मांसपेशियों में दर्द ,अनियमित मासिक धर्म और कब्ज, ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता, थकान, ठंड इत्यादि जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।

२) PCOS की समस्या होने पर :- PCOS अर्थात पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम महिलाओं में होने वाली बहुत ही सामान्य सी समस्या है। इसमें महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन नामक हॉर्मोन का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है।

इन हॉर्मोन्स के असंतुलित होने के कारण महिलाओं को विभिन्न समस्या का सामना करना पड़ता है जिनमे सबसे बड़ी समस्या अंडाशय में सिस्ट का बनना होता है।

इसके अतिरिक्त मासिक धर्म चक्र में अनियमितता , प्रजनन क्षमता में कमी , ह्रदय सम्बन्धी रोग इत्यादि जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।

३) औषधियों का असर :- कई प्रकार की ऐसी दवाएं होती है जिनके प्रयोग से व्यक्ति में वजन वृद्धि की समस्या सामने आने लगती है। स्टेरॉयड (कॉर्टिकोस्टेरॉइड) गोलियों ,इंसुलिन इत्यादि के लम्बे समय तक प्रयोग करने से व्यक्ति ज्यादा भूख लगने लगती है जिसकी वजह से वजन बढ़ने जैसी समस्या देखने को मिलती है।

व्यक्ति में वजन बढ़ने के कई कारण होते है जिनमें व्यक्ति द्वारा अपनाई जाने वाली जीवनशैली भी है।

वजन वृद्धि के गैर चिकित्सकीय कारणों को निम्नलिखित प्रकार से वर्णित किया जा सकता है :-

1. आनुवंशिकता- वजन वृद्धि का एक बहुत बड़ा कारण अनुवांशिकता भी है। यदि व्यक्ति के जिन में मोटापा होता है तो बिना किसी विशेष कारण के ही वजन में वृद्धि होने लगती है।

2. ख़राब खान-पान – व्यक्ति द्वारा अत्यधिक फ़ास्ट फ़ूड का सेवन करने से, अधिक कैलोरी वाले खाने का सेवन करने से खासकर शराब से मिलने वाली कैलोरी या चीनी युक्त पेय पदार्थ के प्रयोग से वजन में वृद्धि का सामना करना पड़ता है।

3. व्यायाम की कमी से – व्यायाम की कमी व्यक्ति में वजन वृद्धि के प्रमुख कारणों में से एक है। व्यायाम शरीर से कैलोरीज़ को ख़त्म करने में सहायक होती है।

4. पर्याप्त नींद ना लेना – किसी भी व्यक्ति के लिए रात की नींद पूरी करना अत्यंत आवश्यक है। रात की नींद यदि पूरी न हो तो व्यक्ति को कई बीमारियां घेरने लगती है। नींद की कमी वजन बढ़ाने के साथ-साथ व्यक्ति को शारीरिक एवं मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखती है।

5 .लंबे समय तक बैठे रहना – अक्सर लम्बे समय तक लगातार बैठे रहना भी वजन बढ़ने के कारणों में से एक होता है। शरीर में कम गतिविधि होने की वजह वजन बढ़ने लगता है।

6. पानी की कमी – शरीर में पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है। जिसके बाद बार-बार पानी पिने की इच्छा होने लगती है साथ ही भूख भी बढ़ जाती है।

व्यक्ति का वजन यदि बढ़ जाये तो शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियां भी बढ़ने लगती है। यहां हम कुछ बीमारियों का उल्लेख कर रहे है जो वजन वृद्धि से होने वाली ऐसी बीमारी है जो आगे चल कर व्यक्ति की जान तक ले लेती है।

ऐसी कुछ बीमारियां निम्नलिखित है :-

1. डायबिटीज होने का खतरा :- वजन के बढ़ने से डायबिटीज होने का खतरा एक सामान्य समस्या बन जाती है। शुगर की समस्या कई बिमारियों के होने का कारन भी बन जाती है। व्यक्ति के शरीर में ब्लड शुगर में मौजूद ग्लूकोस की सामान्य मात्रा 70 – 120 होता है , परन्तु कई बार मोटापे के कारण यह ग्लूकोस की मात्रा बढ़ जाती है तथा डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

2. हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा :– शरीर में ब्लड ग्लूकोज का नॉर्मल लेवल वैसे तो 70 से 120 मिलीग्राम/डीएल) से अधिक नहीं होना चाहिए, लेकिन कई बार मोटापे के कारण यह बढ़ जाता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा रहता है। ओबेसिटी फैटी एसिड में वृद्धि का कारण बनता है, जो इंसुलिन प्रतिरोध को ट्रिगर करता है। ऐसे में मोटापे को काबू में ना रखा जाए, तो आपको डायबिटीज हो सकती है।

3.साँस लेने में तकलीफ :- वजन बढ़ने पर व्यक्ति को साँस लेने में तकलीफ होने लगती है क्योंकि शरीर में जमा वसा फेफड़ों को पूरी तरह फैलने से रोकती है। जिसके कारण मांसपेशियां स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम नहीं हो पाती। यहां तक की व्यक्ति को दैनिक कार्य करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

4.फैटी लिवर :– वजन वृद्धि से व्यक्ति को फैटी लिवर होने का खतरा बढ़ जाता है। शरीर की अतिरिक्त चर्बी लिवर में जमने लगती है जिसके कारण यह समस्या सामने आती है। फैटी लिवर से लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर होने का भी खतरा बढ़ जाता है।

5.पीठ में दर्द :- मोटापा बढ़ने पर व्यक्ति को पीठ दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है। फैट अधिक जमा होने पर कमर पर प्रेसर पड़ने लगता है जिसके कारण व्यक्ति को पीठ और कमर दर्द की समस्या से लड़ना पड़ता है।

6.ह्रदय से जुड़ी बीमारियां :- वजन बढ़ने पर व्यक्ति को ह्रदय सम्बन्धी बीमारियां बढ़ने लगती है। व्यक्ति को दिल का दौरा या स्ट्रोक्स आने की सम्भावना बढ़ जाती है।

7. महिलाओं में PCOD या PCOS होने का डर होता है।

8. इसके कारण ह्रदय संभंधित होने वाली समस्या या बीमारियां होने का भी भय होता है।

वजन बढ़ना आज एक सामान्य समस्या बन गई है। आज जितना आसान वजन बढ़ना होता है उससे कहीं ज्यादा मुश्किल वजन का घटाना है। वजन घटाने के कुछ उपायों को निचे वर्णित किया गया है जिसका प्रयोग कर वजन को नियंत्रित किया जा सकता है।

  • व्यायाम का करें प्रयोग :- वजन नियंत्रित करने के लिए यह आवश्यक है की व्यायाम को अपने दैनिक क्रिया कलापों में शामिल किया जाये। नियमित तौर पर व्यायाम करने से वजन नियंत्रित करने में सहायता मिलती है।
  • प्रोटीन डाइट का सेवन करें – प्रोटीन मांसपेशियों को हेल्दी रखने के लिए अत्त्यन्त जरूरी होता है। एक अच्छी प्रोटीन युक्त डाइट मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है एवं इससे कैलोरी बर्न होने में भी मदद मिलती है। अतः वजन कम करने के लिए प्रोटीन युक्त खाने की आवश्यकता होती है।
  • भरपूर पानी पियें – वजन को कंट्रोल में रखने के लिए खुद को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी होता है। साधारणतः एक व्यक्ति को एक दिन में ४ लीटर पानी की आवश्यकता होती है। इसके साथ जल युक्त फलों का भी सेवन करना लाभकारी होता है।
  • अच्छी नींद लें :- अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है। अछि नींद वजन घटने में भी सहायक होती है।
  • घरेलु उपायों का करें प्रयोग :– वजन घटाने के लिए कई घरेलु उपाए है जिनकी सहायता से वजन को नियंत्रित रखा जा सकता है।
  • पोस्टिक भोजन एवं संतुलित आहार ले – संतुलित आहार एवं पोस्टिक भोजन वजन नियंत्रित करने में सहायता करता है।